मंगलवार, 24 अगस्त 2010

राखी पर्व पर शुभकामनाएं..-------->>>दीपक मशाल




आज राखी के पावन पर्व पर अपनी प्यारी छोटी बहिन रानी(गार्गी) और सृष्टि के अलावा सारी बड़ी बहिनों(दीदियों) अदा दी, रश्मि रवीजा दी, लता हया दी  और शिखा वार्ष्णेय दी का सादर चरण वंदन.. और आप सबको भी प्रेम के इस पर्व पर शुभकामनाएं..  साथ ही मेरी सब बहनों को नज़र करती ये हालिया रचना.. जिसका शीर्षक है 'डर'


डर चाहे पूरब के हों
या पश्चिम के...
एक जैसे होते हैं


उनमे होता है आपस में कोई
खून का रिश्ता
तभी वो उभारते हैं
एक जैसी लम्बी लकीरें माथों पर
एक जैसा देते हैं आकार आँखों को


पप्पू, पोम, रेबेका या नाजिया की तरह
उनके नाम भले उन्हें अलग पहिचान दें
लेकिन उनका रहन-सहन, बोल-चाल
चाल-ढाल होते हैं एक से

और एक जैसा ही होता है
दिलों में उनके घर करने का तरीका
तरीका उनके रौंगटे खड़े करने का
धडकनें बढ़ाने का

उन्हें जनने वालीं परिस्थितियाँ
भले अलग हों
पर उनके चेहरे मिलते हैं बहुत
इसीलिए
डर चाहे पूरब के हों 
या पश्चिम के 
एक जैसे होते हैं
दीपक मशाल 


28 टिप्‍पणियां:

  1. भावपूर्ण एवं उम्दा!

    रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    जवाब देंहटाएं

  2. दीपक भाई बहुत अच्छी रचना है।
    श्रावणी पर्व की शुभकामनाएं एवं हार्दिक बधाई

    आज हमारी बेटी श्रुति प्रिया का जन्मदिन है।

    लांस नायक वेदराम!---(कहानी)

    जवाब देंहटाएं
  3. इंसानियत के पुजारी होने की ओर बढते कदम ! असीम शुभकामनायें !

    रक्षाबंधन पर्व की बधाई !

    जवाब देंहटाएं
  4. गजब का अभिव्यक्ति है...और अनोखा बिचार!!

    जवाब देंहटाएं
  5. बढिया प्रस्‍तुति .. रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं !

    जवाब देंहटाएं
  6. रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं !


    बढिया प्रस्‍तुति

    जवाब देंहटाएं
  7. भाई-बहिन के पावन पर्व रक्षा बन्धन की हार्दिक शुभकामनाएँ!
    --
    आपकी पोस्ट की चर्चा यहाँ भी है!
    http://charchamanch.blogspot.com/2010/08/255.html

    जवाब देंहटाएं
  8. बहुत सुंदर अभिव्‍यक्ति .. रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं !!

    जवाब देंहटाएं
  9. बहुत अच्छी रचना है दीपक जी...
    रक्षाबंधन पर्व की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं.

    जवाब देंहटाएं
  10. डर का स्वरूप थोडे ही बदला जा सकता है बेशक परिवेश और परिस्थितियाँ अलग हों………………बेहद उम्दा अभिव्यक्ति।

    रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं !

    जवाब देंहटाएं
  11. बहुत अच्छी रचना है दीपक जी,रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ

    जवाब देंहटाएं
  12. रक्षाबंधन की ढेरों शुभकामनाए !!

    जवाब देंहटाएं
  13. सुन्दर भावपूर्ण रचना ।
    रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनायें ।

    जवाब देंहटाएं
  14. Hi...

    Sundar bhavabhivyakti...

    Rakhsha Bhandhan ki shubhkamnayen...

    Deepak...

    जवाब देंहटाएं
  15. बहुत ही भावपूर्ण कविता, दीपक...रंग, भाषा, देश कुछ भी हो दिल में उठते भाव तो एक से ही होते हैं...प्यार के हों या फिर 'डर' के....
    राखी की बहुत सारी शुभकामनाएं...और ढेरों आशीष...आगे बढ़ो...खूब तरक्की करो...और बस आकाश छू लो...

    जवाब देंहटाएं
  16. डर चाहे पूरब के हों
    या पश्चिम के...
    एक जैसे होते हैं
    बहुत सुन्दर कविता है दीपक जी.भाषा या वेशभूषा अलग हो सकती है, लेकिन अन्तर्मन के भाव लगभग एक से ही होते हैं.
    रक्षाबंधन की ढेर सी शुभकामनाएं.

    जवाब देंहटाएं
  17. बहुत खूब .. डर तो डर ही है ... कारण अलग अलग हो सकते हैं पूरब और पश्चिम में .... अच्छी रचना है दीपक जी ...
    आपको रक्षा बंधन की बहुत बहुत शुभकामनाएँ ....

    जवाब देंहटाएं
  18. बहुत ही भावपूर्ण रचना, राखी पर्व की शुभकामनाएं.

    रामराम

    जवाब देंहटाएं
  19. रचना की तीव्र संवेदनशीलता भावुक बना देती है।

    जवाब देंहटाएं
  20. आप को राखी की बधाई और शुभ कामनाएं

    जवाब देंहटाएं
  21. भाई-बहन के मजबूत रिश्तों का पर्व रक्षाबंधन सब भाई-बहनों के रिश्तों मे मजबूती लाये

    जवाब देंहटाएं
  22. सुंदर अभिव्‍यक्ति .. रक्षाबंधन की शुभकामनाएं !

    जवाब देंहटाएं
  23. बहुत ही प्यारी कविता है ..May all of dreams comes true.keep it up.

    जवाब देंहटाएं
  24. deepak,
    सॉरी दोस्त, देर से पहुँचा हूँ।
    रक्षा बंधन की बहुत शुभकामनाये(देर से ही सही) और हमेशा की तरह खूबसूरत प्रस्तुति पर बधाई।

    जवाब देंहटाएं

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...