नाम है संजय कुमार जी और बाकी परिचय आप स्वयं इस लिंक पर जाकर देखें और हमारी छोटी सी ब्लॉग दुनिया में इन नए साथी का स्वागत करें और इनका हौसला बढायें...
आपके ब्लॉग पर जाने के लिए इस लिंक पर चटका लगायें..--- http://sanjaykuamr.blogspot.com/ संजय कुमार
साथ ही लीजिये हाज़िर है आपके सामने मेरी एक छोटी सी रचना-
संगठन में शक्ति है
ये लाख टके की बात
पढ़ी थी दो दर्जे में
कबूतरों और बहेलिये की कहानी में...
और अब इसी को सिद्ध करता है साइंस भी
क्योंकि साइंसजदों ने सिखाया है उसे
और हमें ये कर के दिखाया है कि
संगठन से परमाणुओं के
संलयन से परमाणुओं के
बनने वाले हाइड्रोजन बम में
होती है कहीं हज़ार गुना ज्यादा ऊर्जा
विघटन से बनने वाले
परमाणु बम की तुलना में...
मगर ना जाने कब बनायेंगे हाइड्रोजन बम
ये टूटते परिवार
ये हर पल बँटते घर-द्वार...
दीपक 'मशाल'
