शनिवार, 27 फ़रवरी 2010

'बुरा ना मानो होली है.. पोल तुम्हारी खोली है' - part-1----- दीपक 'मशाल'

आज की रात.. होना है जो.. वो होने दो...    अरे नहीं नहीं भाई, रात को कुछ नहीं होने वाला.. वो तो असल में आज ज़रा मस्ती के मूड में आ गया हूँ..  अब आप सोचेंगे ये गंभीर ब्लोगिंग की बातें चिल्लाने वाला अचानक अपने उसूल कैसे भूल बैठा???
तो साहेबान कदरदान, पानदान, पीकदान, थूकदान होशियार.. खबरदार.. कान खोल के सुनियेगा, क्योंकि आज मैं बहुत ही ऊंचे दर्जे की बकवास करने जा रहा हूँ.. सच तो ये है कि फागुन कि बयार ही ऐसी है कि अच्छे अच्छों को बहका देती है.. मेरी बिसात क्या है, मैं भी इस बयार में बिना भांग खाए बहक गया.. और 'बुरा ना मानो होली है.. पोल तुम्हारी खोली है' की तर्ज़ पर ब्लॉग भाइयों और उनकी बहिनों पर कुछ उम्दा खयालात और नाम पेश किये हैं(किसी बात को दिल पर ना लें.. ये सिर्फ होली का मजाक है.. :) )
समय और अजीजों की संख्या देखते हुए पोस्ट को दो भागों में बाँट दिया है.. कुछ आज मिलेंगे और कुछ नाम कल.. :D बुरा ना मानियेगा साहिब.. देखिये हम पहिले ही हाथ जोड़ बिनती कर लेत हैं.. ठीक रहिन के नाहीं??
तो इहाँ हम कोशिशवा करे रहे के ब्लॉग और होली का सम्मिश्रण कर देवें.. देखिये कैसे होत रहे--

सबसे पहले सबकी जुबां पर रहने वाली कातिल जवानी यानि समीर लाल जी कि खिदमत में पेश है-
रंग बरसे भीगे ब्लॉग वाली... रंग बरसे..

अब हसीना मान जाएगी उर्फ़ अनूप शुक्ल जी-
जाने हम आदि ब्लॉगर से.. ये नए बच्चे क्यों जलते हैं....

तकनीक की रानी पाबला जी-
किसी बात पर मैं किसी से खफा हूँ... इक पिल्ला है वो, मैं जिससे खफा हूँ...

लापता हुस्न खुशदीप भाईसाब-
क्या से क्या हो गया.......... ब्लोगिंग तेरे प्यार में...

अब बारी है दिमाग की बत्ती मोमबत्ती से सस्ती शिखा वार्ष्णेय जी-
परदेशियों को ना ब्लॉग पे बुलाना..
ब्लोगरों को है होली मनाना..

दुर्ग की दुखी आत्मा अर्थात शरद कोकास भाई-
होली की भोर रंगों से कटती नहीं..
बिना ब्लोगिंग के गुजिया भी पचती नहीं
वल्लाह ये ब्लोगर...
ना जाने कब लौट.. के आयेंगे जी
दिल तो ब्लोगर है जी..

बेवफा सनम महफूज़ भाई-
कोई बोले तू चिकना है बड़ा..
कोई बोले तुझमे बड़ा है दम..
मैं सबसे बोलूँ एक ही बात
कई किस्से भई मेरे पास
मैं हूँ, मैं हूँ, मैं हूँ, मैं हूँ.... मैं हूँ ब्लोगर न. १

मदर ब्लोगिन्डिया याने निर्मला कपिला मासी-
सूरज कब दूर किरन से.. मैं हूँ कब दूर ब्लोगिंग से..
ये बंधन तो ब्लॉग का बंधन है.. नए रिश्तों का उद्गम है...

वैराग की सीमा नीरज गोस्वामी जी..
मैं हूँ झुम झुम झुम झुम झुमरू
बांधूं होली पे पग घुँघरू..
सबके ब्लॉग पे जाता.. मैं जाता रहा..

ब्लॉग कोकिला.. हाँ नईं तो.. अदा दी..
अहसान तेरा होगा मुझ पर
दिल चाहता है जो कहने दो..
मुझे ब्लॉग से मोहब्बत हो गई है..
मुझे ब्लोगिंग की छाँव में रहने दो..

दिलफेंक पत्नीव्रता आशिक उर्फ़ अजय झा भईया--
सर जो तेरा चकराए.. या दिल डूबा जाये..
आजा प्यारे ब्लॉग पे हमारे.. होली खेली जाए-२...

अब आये हैं पवित्र पापी अनिल पुसदकर भाऊ जी--
यार हमारी बात सुनो.. ऐसा इक इंसान चुनो..
जो रंग में ना डूबा हो.. जो ब्लोग्गर ना हो..

भड़कीली ख्वाहिशें राजीव तनेजा जी--
कहत राजीव सुनो भई ब्लोगर ..
पोस्ट लिखूं मैं खरी..
के दुनिया एक नेकरी..
तो मैं.....

मैं चुप रहूंगी माने राजीव जी से हैरान परेशान संजू भाभी जी--
मोसे छल किये जाए..
हाय रे हाय हय हय.... ब्लोगर बेईमान...

सीधे सादे वादे एम्. वर्मा जी-
होली के दिन ब्लोगर मिल जाते हैं... रंगों के पोस्ट खिल जाते हैं...

धड़धडाती मोहब्बत संजय कुमार जी--
तेरा साथ है पर भांग की कमी है..
मेरे ब्लॉग पे मिल रही टिप्पणी है..

धुकधुकाती साँसें.. कुमारेन्द्र(चाचा) जी--
मैं हिन्दी का साथ निभाता चला गया..
हर टिप्पणी को धुएँ में उड़ाता चला गया...

जवानी दीवानी हुई अविनाश वाचस्पति जी की-
होली खेले ब्लोगीरा.. ब्लॉग पे.. होली खेले ब्लोगीरा...

बाल ब्रह्मचारी.. जहाँ देखी आँख मारी.. गुरुदेव पंकज सुबीर जी--
ये ब्लोगिंग ये महफ़िल.. मेरे काम की नहीं.. मेरे नाम की नहीं...

छैल-छबीली रश्मि रवीजा दी--
ब्लोगिंग तोसे नैना लागे रे..
जाने क्या हो, होली पे ओ रे...

मटकीली बेगम शोभना चौधरी--
मेरा नाम है चमेली.. मैं हूँ ब्लोगर अलबेली..
चली आयी मैं होली पे.. जोधपुर से...

जीने नहीं दूंगा गौतम राजरिशी भाई--
मैं शायर बदनाम...
ब्लोगिंग मेरा मकाम...

तीखी मिर्ची अलबेला खत्री जी--
ये शमा तो जले.. ब्लोगिंग के लिए..
मेरी पोस्ट से अगर कोई जल जाए तो..
ये कवि क्या करे...

अभी तो मैं जवान हूँ सरिता अग्रवाल जी--
देखो ब्लोगिंग वालों अपने..
ब्लॉगवुड पे ये इलज़ाम ना आये...

चमकौअल देवी उर्फ़ शेफाली जी--
मोहे रंग दे.. मोहे रंग दे.. मोहे रंग दे..
मोरे ब्लॉग को रंग दे..

पुराने चावल डॉ. रूप चन्द्र शास्त्री 'मयंक' जी--
देखो ब्लोग्वालों ऐसा काम ना करो..
ब्लॉग का नाम बदनाम ना करो...

सुगबुगाती ख्वाहिशें राज भाटिया सर--
ब्लोगर साथवा कितना प्यारा.. कम लगता वा जीवन सारा..
इस ब्लोगिंग की लगन में हमें आना पड़ेगा.. होली में दोबारा...

डॉक्टर जानलेवा.. डॉ. अनुराग--
हम जैसा कहीं आपको ब्लोगर ना मिलेगा..

जंगल की रानी अपूर्व शुक्ल--
थोड़ा रुक जाएगी तो तेरा क्या जायेगी..
ब्लॉग पे आ जायेगी तो चैन आ जायेगी....

बिन ब्याही माँ जतिंदर परवाज भाई--
दर्दे-दिल, दर्दे-जिगर ब्लॉग पे जगाया आपने..
काला रंग दिखलाया पर.. तारकोल लगाया आपने...

पिक्चरवाली आंटी अनीता कुमार जी--
आजा रे टिपेरे.. मैं तो कब से खड़ी हूँ इस पार रे...
मेरा ब्लॉग भी जरा सा तू निहार रे..

क्या अदा क्या जलवे तेरे पारो गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल' भाई जी--
आजा प्यारे.. तोहे ब्लॉग दूँ..
अपने ब्लॉग पे मैं.. तुझे संवार दूँ..
किसलिए है तू इतना उदास..
फेल ब्लॉग को मैं करता हूँ पास...

ये आग कब बुझेगी विवेक रस्तोगी जी--
फागुन महके रंग उडाये
रागों की सन्दूक खुलाये
यहाँ आजा परदेसी
मेरा ब्लॉग बुलाये रे...

एक छोटी सी लव स्टोरी मिथिलेश दुबे--
आज ब्लॉगवुड की चोटी से हमने ये ललकारा है..
दूर हटो.. दूर हटो.. दूर हटो ए ब्लोगिंग वालों.. ये घर-बार हमारा है..


टूटा सितारा सलीम खान--
सजन रे झूठ मत बोलो..
हमारे ब्लॉग पे आना है..

कुलच्छिनी दर्शन शाह 'दर्पण'--
एक था गुल और एक थी बुलबुल..
दोनों ब्लॉग में रहते थे...

निशाचर प्राणी यशवंत फकीरा--
पोस्ट जहाँ पर रहते हैं.. उस जगह को सब ब्लॉग कहते हैं..
हम पोस्ट जहाँ पर रखते हैं.. उसे ब्लॉग का मंदिर कहते हैं...

चिरयुवा कन्या कुश भई--
नफरत करने वालों के.. ब्लोगों पे प्यार भर दूँ..
मैं ऐसा हूँ ब्लोगर.. लत्ते को सांप कर दूँ..

खलबलाती तंदूरी संजय भास्कर--
सितमगर इक.. के सितमगर दो
जिस दिन से हुआ है ये ब्लोगिंग शुरू...

पिलपिला पपीता देवेश प्रताप भाई--
ब्लॉग पे रंग लगाना.. सजन मोरे ब्लॉग पे रंग लगाना...

शेष दोस्त कल तक अपनी इज्ज़त की नीलामी रुकने की खुशियाँ मनाएं.. ही ही ही... :D
दीपक 'मशाल'
चित्र साभार गूगल से..

46 टिप्‍पणियां:

  1. ha ha ha
    bahut khoob..are waah kya baat kahi hai...
    mujhe blogging ki chhaon mein rahne do..

    sardi khansi na laveriyaa hua
    mujhko to BLOGERIYA hua...ha ha ha
    bahut hi badhiyaa..mazaa aagaya..
    sach...haan nahi to..!!
    didi..

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  2. हा हा, बहुत मजेदार. एकदम फिट निपटाया है सबको...आनन्द आ गया.

    आप और आपके परिवार को होली की बहुत मुबारकबाद!!

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  3. इसे तो आपकी ओर से ही आना था -मशाल एक हाथ में पिचकारी दुसरे -लगाए बुझाये रहो ऐसे ही
    कबीरा सररर ......

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  4. खास मूड के संग में खूब किया इजहार।
    होली शुभ हो आपकी खूब बढ़ायें प्यार।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com

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  5. अपने ब्लोग्गर साथियो का अद् भुत परिचय देने के लिये बधाई
    कुछ अपने बारे मे भि लिखा होता तो और मज़ा आता चशमे वाले बाबू ...
    ---- राकेश वर्मा

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  6. अरे वाह!...बहुतों को लपेट दिया....

    होली मुबारक

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  7. भाई
    असली रंग तो आपने डाला
    बहुत खूब

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  8. बहुत अच्छा । सुदर प्रयास है। जारी रखिये ।

    अगर आप हिंदी साहित्य की दुर्लभ पुस्तकें जैसे उपन्यास, कहानियां, नाटक मुफ्त डाउनलोड करना चाहते है तो कृपया किताबघर से डाउनलोड करें । इसका पता है:

    http://Kitabghar.tk

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  9. वाह वाह मै भी कहूँ कि इतने दिन से बच्च कहाँ गायब है तो सब को धुनने की तयारी कर रहे थे--- कमाल की पोस्त {पोस्ट] बनी है सब को एक एक डोडी खिला कर मस्त कर दिया। कमाल की पोस्ट है। बस इसी नशे मे होली मना रहे हैं सब। बहुत बहुत आशीर्वाद।
    हाँ बिना बताये गायब होते हो तो चिन्ता लग जाती है आज तुम्हारा फोन आया तो तसल्ली हुयी। खुश रहो

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  10. शुक्र है आज तो बच गए । लेकिन बकरे की माँ --
    बढ़िया , शानदार होली मन रही है भाई।

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  11. लगता है होली का रंग कुछ अधिक चढ़ गया है विदेशी धरती पर........बहुत खूब .......काफी दिनों के बाद दीपक मशाल ने अपनी मशाल जलाई है होली पर.......होली मुबारक

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  12. ha ha ....mazedar rahee ye post.......
    Holi mubarak ho aapko bhee...........

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  13. rang barse bheege chuner bali rang barse
    are keene mari pichkari tohri bheegee angiya
    ho ran rasiya--ho rang rasiya.....haan

    kya khoob gujregi jab mil baithenge hum do yaar, hantho mai hoga bhang ka pyala, kya karenge jake madhushala, holi hai..........

    holi ki rang-birangi badhai

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  14. :) बहुत बढ़िया खूब गुब्बारे फेंके आपने तो रंग भरे होली मुबारक !!

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  15. अरे वाह....क्या बात है...असली होली के रंग तो यहाँ दिख रहें हैं....बहुत बढ़िया..नज़राने भेंट किये हैं,सबको ...होली की ढेरों शुभकामनाएं तुम्हे..

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  16. आप और आपके परिवार को होली की शुभकामनाएँ.भाई सब की पोल खोली आप ने बस एक से बच कर रहना...ओर बताओ केसे मना रहे हो होली

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  17. खुशियाँ मनाने जा रिया हूँ.

    भाँग में डूबी रंगारंग होली की शुभकामनाएं.

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  18. हो ... ली
    पर किसकी
    मशाल की
    शाल ओढ़ाकर
    बोले प्रेम की बोली
    मशाल की होली।

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  19. waah waah...........mazaa aa gaya deepak ji..........khoob sahi lapeta hai...........yahi to holi ka asli rang hai jismein jo chahe kah bhi do aur samne wale bhi uske maze le...........HOLI ki hardik shubhkamnayein.

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  20. dekha videshiyon main hi jyada bhartiyata hai hahahahaha..kya khoob rang bikhere hain holi par...( chalo mera adhura kaam poora ho gaya hee hee )

    bahut badhiya Deepak.maja aa gaya.

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  21. मनवा दी सबकी होली
    सा रा रा रा सा रा रा रा

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  22. kya bhai? hum benamiyon ke bare me kuchh nain likha

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  23. haa haa ha ha haa haa haaaaa haaaaaaaaaaaaaaahaaahhhhhhhaaaaaaa.

    excellentest,nicest.beautifullest.

    happy holy to u n all.

    उत्तर देंहटाएं
  24. दीपक प्यारे,
    होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं...

    वाकई यार ये ब्लॉगिंग के चक्कर में अपना हुस्न लापतागंज होता जा रहा है...ये तो भला हो राजीव तनेजा भाई का जो अपनी कारस्तानी से हमारे चेहरे की शोखियां बढ़ाते रहते हैं...

    जय हिंद...

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  25. आप एवं आपके परिवार को होली मुबारक.

    उत्तर देंहटाएं
  26. दि्लफ़ेंफ़ , पत्नीव्रता , आशिक ...कितने आदमी थे ...तीन का सोचे कि सरदार खुस होगा साब्बासी देगा .....हा हा हा ..बहुते खुस हुआ रे सरदार ...का पोल खोले हो ..अच्छा है कि ई होली साल में एके बार आती है नहीं त हमको तो लगता है कि अईसन पोल खोल में सबका डिब्बा तुम गोल कर दोगे ....
    अजय कुमार झा

    उत्तर देंहटाएं
  27. मस्त पोल खोलाई चल रही है , अगले भाग का इंतजार है । ज्यादा नही लिखुंगा भांग के नशे में स्पेलिंग मिस्टेक हो जायेगा ।

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  28. होली की शुभकामनाएँ, बढ़िया लगा अगले पार्ट का इंतजार है..

    साथ में टोली में कौन कौन है नाम उजागर किये जायें.. :)

    उत्तर देंहटाएं
  29. दीपक मशाल जी होली का त्यौहार ही मस्ती का होता है!
    आपने तो सभी नामचीन्ह ब्लॉगरों के साथ
    जम कर होली खेली है!
    होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

    उत्तर देंहटाएं
  30. मिथिलेश दुबे ने कहा-
    आपके ब्लोग पर टिप्पणी नहीं कर पा रहा हूँ , आप मेरी टिप्पणी प्रकाशित कर दीजियेगा ।
    hmmmmmmmmmmmmm अरे वाह दीपक भईया मजा आ गया , आपको होली की बहुत-बहुत बधाई ।

    उत्तर देंहटाएं
  31. ): अच्छा तो इस लिए पूछ रहे थे कि हमारा पसंदीदा गाना कौन सा है।
    मजेदार रहा होली का ये रंग भी।
    होली की ढेर सारी शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  32. अब समझ मे आया तुम किस एक्सपेरिमेंट में लगे हो ..। ठीक है ठीक है .. अबकी बार आओगे तो होली हो न हो तुम्हे गुझिया ज़रूर खिलायेंगे । शुभकामनायें और प्यार ।

    उत्तर देंहटाएं
  33. दीपक जी बहुत खूब क्या बात है जैसे आपने हम सब को चुन चुन कर अपने रंग में भिगोया है वैसे ही आपको भी इस होली पर आपके चाहने वाले दोस्त दुश्मन सब मिल कर खूब भिगोयें...ये ही कामना है.
    नीरज

    उत्तर देंहटाएं
  34. तकनीक की रानी पाबला जी-
    धड़धडाती मोहब्बत संजय कुमार जी--
    बिन ब्याही माँ जतिंदर परवाज भाई--
    कुलच्छिनी दर्शन शाह 'दर्पण'--
    भड़कीली ख्वाहिशें राजीव तनेजा जी-
    कातिल जवानी यानि समीर लाल
    क्या अदा क्या जलवे तेरे पारो गिरीश बिल्लोरे
    जंगल की रानी अपूर्व शुक्ल--
    तीखी मिर्ची अलबेला खत्री जी--
    हाहाहाहाहा.... सारे पुल्लिंग को स्त्रीलिंगी टाइटल हाहाहाहाहाहाहाहाहाहाहहाहाह

    उत्तर देंहटाएं

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