सोमवार, 18 जनवरी 2010

कुछ तस्वीरें जो नोकिया ५८०० से निकाली हैं आपके सामने रख रहा हूँ............. दीपक मशाल

कुछ तस्वीरें जो नोकिया ५८०० से निकाली हैं आपके सामने रख रहा हूँ, नज़र चाहता हूँ... जब डॉ. दराल सर ने अपना शौक फोटोग्राफी बताया तो उनसे प्रेरणा लेकर मेरे अन्दर का कीड़ा भी कुलबुलाया आखिर मेरे घर में भी पिछले ६० साल से फोटोग्राफी पर काम हो रहा है, मेरे बाबा ने शौकिया शुरू किया फिर प्रोफेशन बना लिया.. तो देखिये कुछ तस्वीरें-














विमान  से ली गयीं डूबते सूरज की कुछ तस्वीरें.. शायद आपको पसंद आयें..


अब इसे देखिये... अगर मैं ये कहूं कि ये किसी प्रेत कि तस्वीर है जो अचानक से सामने आगया तो कौन नहीं मानेगा???? अरे
 साहब ये प्रेत व्रेत नहीं बिल्ली मौसी हैं, जो हमारे घर कि पालतू हैं.. नहीं मानते तो ऊपर से तीसरी तस्वीर दोबारा देखिये समझ जायेंगे...
आपका-
दीपक मशाल

32 टिप्‍पणियां:

  1. bahut kamaal ki tsviren hain ...paintng banane layk bhi .....bahut abhaar

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  2. दीपक जी बहुत सुंदर तश्वीरें है। उपर का नजारा बादलों के पार अलग ही होता है। जैसे कोई दुसरी दुनिया हो। बेहतरीन

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  3. इतनी सुंदर तस्‍वीरें .. और अंत में प्रेत की भी .. भई वाह !!

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  4. bahur sundar hain sabhi tasveerein...
    aur billi ki aankhen to gazab ki hain..
    .didi..

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  5. यार ये तो एकदम कमाल की फ़ोटू खेंच ली हैं भाई
    अजय कुमार झा

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  6. तस्वीरें बहुत सुंदर हैं..... जहाज़ की खिड़की थोड़ी और खोल लेते तो..... पूरी जहाज़ की तस्वीर ले लेते..... बादलों में कहीं यमदूत वगैरह टहलते हुए नहीं दिखे? थोड़ी उनकी भी तस्वीर मिल जाती तो..... अच्छा होता....

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  7. दुआ करता हूं ये कीड़ा आपको काटता ही रहे , और हम ऐसी तस्वीरों का लुत्फ लेते रहें

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  8. वाह दीपक कमाल की तस्वीरें हैं मेल मे भेजी थी तो कई बार देखी। कमाल को फोटोग्राफर भी हो। ये शायद आईल सीट का फायदा है हा हा हा आशीर्वाद्

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  9. बहुत सुन्दर तस्वीरें हैं।

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  10. सही कहा मासी :) वैसे मैं अब तक १० बार प्लेन में बैठा और खुशकिस्मती से ९ बार विंडो सीट ही मिली.... १० के दसों बार सिक्यूरिटी चेक के नाम पे किसी ने छुआ भी नहीं जबकि आगे पीछे वालों की पूरे शरीर पर हाथ घुमा कर तलाशी ली गई.. लगता है शाहरुख़ से तो ठीक ही हूँ. :)
    जय हिंद...

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  11. एक शब्द ही काफ़ी ही तारीफ़ के लिये जैसे हज़ार शब्दों के समाचार से एक चित्र बेहतर होता है।
    "अद्भूत"

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  12. बहुत सुन्दर दीपक जी, भले ही आपने गैरकानूनी काम किया हो (बेचारे एयर लाइंस के उद्घोषक के निवेदन को भी आपने नकार दिया :) ) लेकिन दुर्लभ चित्रों को कैमरे में उतारा !

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  13. Nahin sir maine air hostess se poochh liya tha, vaise bhi landing ya take off ke time switch off karne ki importance hoti hai... kai log to laptop pe kaam bhi kar rahe the.

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  14. बढ़िया तस्वीरें..बिल्ली मौसी के दर्शन भी हो गये. :)

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  15. प्लेन के अन्दर से बेहतरीन फोटो, लिए है ....बहुत बढ़िया लगे. बधाई दीपक जी..

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  16. बहुत ही ख़ूबसूरत तस्वीरें हैं...इतने सुन्दर रंग,बस मन हो रहा है...ब्रश हाथों में लूँ और शुरू हो जाऊं..पर कौन कर सका है उस चित्रकार के चित्र की कॉपी...हाँ आपके कैमरे ने ये काम बखूबी किया है.

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  17. सूर्योदय या सूर्यास्त ---जो भी हो , रंग बहुत खूबसूरती से निखर कर आये हैं।
    बादल, प्लेन के विंग्स , और बिल्ली की आँखें --वाकई बहुत सुन्दर।
    हमें तो अपनी कनाडा सैर की याद आ गयी।
    कुछ ऐसी ही तस्वीरें हमारे ब्लॉग ---चित्रकथा पर भी देख सकते हैं।

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  18. Daraal uncle aapka hi wait kar raha tha din bhar se... post sarthak ho gayee.

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  19. virasatan mila gun hai jo apna kamaal dikha rahaa hai..............
    ab samajh nahin aata ki badhai kise den???

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  20. "नयनाभिराम! अविस्मरणीय!"
    --
    "सरस्वती माता का सबको वरदान मिले,
    वासंती फूलों-सा सबका मन आज खिले!
    खिलकर सब मुस्काएँ, सब सबके मन भाएँ!"

    --
    क्यों हम सब पूजा करते हैं, सरस्वती माता की?
    लगी झूमने खेतों में, कोहरे में भोर हुई!
    --
    संपादक : सरस पायस

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  21. आज ही देखी सब तस्वीरे सुन्दर है

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